उठो जवानो हम भारत के स्वाभी मान सरताज है

उठो जवानो हम भारत के स्वाभी मान सरताज  है
अभिमन्यु के रथ का पहिया, चक्रव्यूह की मार है

चमके कि ज्यों दिनकर चमका है उठे कि ज्यो तूफान उठे
चले चाल मस्ताने गज सी हँसे कि विपदा भाग उठे
हम भारत की तरुणाई है माता की गलहार है
अभिमन्यु के रथ का पहिया....

खेल कबड्डी कहकर पाले में न घुस पाये दुश्मन
प्रतिद्वंदी से ताल ठोक कर कहो भाग जाओ दुश्मन
मान जीजा के वीर शिवा हम राणा के अवतार है
अभिमन्यु के रथ का पहिया....

गुरु पूजा में एकलव्य हम बैरागी के बाण है
लव कुश की हम प्रखर साधना शकुंतला के प्राण है
चन्द्रगुप्त की दिग्विजयों के हम ही खेवनहार है
अभिमन्यु के रथ का पहिया....

गोरा, बादल, जयमल, फत्ता, भगत सिंह, सुखदेव, आज़ाद
केशव की हम ध्येय साधना माधव बन होती आवाज 
आज नहीं तो कल भारत के हम ही पहरेदार है
अभिमन्यु के रथ का पहिया....

उठो जवानो हम भारत के स्वाभी मान सरताज  है
अभिमन्यु के रथ का पहिया, चक्रव्यूह की मार है

Comments

Popular posts from this blog

मातृ चरणों मे समर्पित है युगों की साधना

है अमित सामर्थ्य मुझमें याचना मैं क्यो करुँगा?

मैं स्वयंसेवक मुझे, न चाह हे जयगान की